New Tax Act Update के तहत टैक्सपेयर्स के लिए बड़ी राहत की खबर सामने आई है। सरकार ने 1 फरवरी से टैक्स कानूनों में अहम बदलाव करते हुए Lower TCS नियम लागू करने का फैसला किया है। इस बदलाव से निवेश और बड़े ट्रांजैक्शन पर पहले की तुलना में कम टैक्स कटेगा, जिससे आम लोगों और कारोबारियों दोनों को सीधा फायदा मिलेगा।
Lower TCS Rules: 1 फरवरी से क्या बदलेगा
Lower TCS Rules लागू होने के बाद अब कई तरह के ट्रांजैक्शन पर टैक्स कलेक्शन एट सोर्स (TCS) की दरें घटा दी जाएंगी। इसका मतलब यह है कि किसी वस्तु या सेवा की खरीद पर सरकार को पहले जितना टैक्स एडवांस में नहीं देना होगा। इससे कैश फ्लो बेहतर होगा और लोगों को अपनी पूंजी पर ज्यादा नियंत्रण मिलेगा।
निवेश और ट्रांजैक्शन पर टैक्स का बोझ होगा कम
नए Tax Law Change 2026 के बाद निवेशकों को बड़ी राहत मिलने की उम्मीद है। शेयर बाजार, म्यूचुअल फंड और अन्य फाइनेंशियल ट्रांजैक्शन में TCS कम होने से निवेश की लागत घटेगी। इससे छोटे और मध्यम निवेशकों को ज्यादा फायदा होगा और वे बिना अतिरिक्त टैक्स दबाव के निवेश कर सकेंगे।
व्यापारियों और कारोबारियों के लिए राहत
New Tax Act का असर व्यापारियों और कारोबारियों पर भी सकारात्मक रहने वाला है। बड़े लेनदेन पर कम TCS कटने से व्यापार की लागत कम होगी और वर्किंग कैपिटल पर दबाव घटेगा। खासतौर पर रियल एस्टेट, लग्जरी गुड्स और इंटरनेशनल ट्रांजैक्शन से जुड़े सेक्टर को इस बदलाव से राहत मिलने की उम्मीद है।
टैक्सपेयर्स को क्या करना चाहिए
New Tax Act Update का पूरा फायदा उठाने के लिए टैक्सपेयर्स को अपने PAN, बैंक डिटेल्स और KYC को अपडेट रखना जरूरी है। साथ ही, निवेश या बड़े ट्रांजैक्शन से पहले नए TCS नियमों को समझना फायदेमंद रहेगा। विशेषज्ञों के अनुसार, यह बदलाव टैक्स सिस्टम को सरल बनाने और आर्थिक गतिविधियों को ब